IP&TAFS ने मनाया 51वां स्थापना दिवस: 'संचार वित्त शिखर सम्मेलन 2025' में हुए बड़े बदलाव
नई दिल्ली: भारतीय डाक और दूरसंचार लेखा एवं वित्त सेवा (IP&TAFS) ने अपने गौरवशाली 51 वर्ष पूरे होने पर 'संचार वित्त लेखा दिवस' का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर आयोजित शिखर सम्मेलन में देश के दूरसंचार और डाक क्षेत्र की वित्तीय सुदृढ़ता पर विशेष चर्चा की गई।
शिखर सम्मेलन के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी और अतिथि।
क्या है खास? सम्मेलन में बताया गया कि IP&TAFS अब केवल पारंपरिक लेखा-जोखा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दूरसंचार क्षेत्र में नीतिगत सलाह और वित्तीय सुशासन का रणनीतिक केंद्र बन चुका है।
शिखर सम्मेलन की मुख्य झलकियाँ:
- SAMPANN 2.0: पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए उन्नत पोर्टल का विस्तार।
- IT 2.0 Reforms: डाक विभाग को डिजिटल रूप से और भी आधुनिक बनाना।
- Digital Bharat Nidhi: ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना।
विशेष सत्र के दौरान डिजिटल सुधारों और राजस्व सुरक्षा पर चर्चा।
भविष्य का दृष्टिकोण
सम्मेलन में 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट' (Whole-of-Government) दृष्टिकोण पर बल दिया गया। अधिकारियों ने साझा किया कि कैसे नवाचार सेल (Innovation Cells) और परफॉर्मेंस ऑडिट के माध्यम से पारदर्शिता लाई जाएगी।
निष्कर्ष: IP&TAFS का 51वां वर्ष भारत की संचार क्रांति में वित्तीय पारदर्शिता और सुशासन के एक नए युग की शुरुआत है।