ऐतिहासिक ओमान यात्रा: पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान, भारत-ओमान के बीच हुआ बड़ा आर्थिक समझौता (CEPA)


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया ओमान यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुई है। यह यात्रा इसलिए भी खास रही क्योंकि भारत और ओमान अपने राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।

मस्कट में हुए उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में पीएम मोदी को ओमान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया और दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण आर्थिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। आइए जानते हैं इस यात्रा की प्रमुख बातें।

"यह यात्रा भारत-ओमान रणनीतिक साझेदारी को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।"

1. 'ऑर्डर ऑफ ओमान': सर्वोच्च नागरिक सम्मान

यात्रा के सबसे गौरवपूर्ण क्षणों में से एक था जब ओमान के सुल्तान, सुल्तान हैथम बिन तारिक ने पीएम मोदी को मस्कट के रॉयल पैलेस में 'ऑर्डर ऑफ ओमान' (Order of Oman) से सम्मानित किया।

  • यह सम्मान भारत-ओमान संबंधों को मजबूत करने में पीएम मोदी के असाधारण योगदान और उनके दूरदर्शी नेतृत्व के लिए दिया गया।
  • प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को दोनों देशों के बीच पुरानी दोस्ती और भारत व ओमान के 1.4 अरब लोगों के बीच के स्नेह को समर्पित किया।

2. बड़ी आर्थिक उपलब्धि: CEPA समझौते पर हस्ताक्षर

आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, भारत और ओमान ने एक ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement - CEPA) पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते का महत्व:

  • यह पिछले 20 वर्षों में किसी देश के साथ सीधे तौर पर ओमान का केवल दूसरा मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है, जो भारत के साथ उनके गहरे संबंधों को दर्शाता है।
  • दोनों नेताओं ने इसे द्विपक्षीय संबंधों में एक मील का पत्थर बताया है।
  • अपेक्षित लाभ: इससे अधिक नौकरियां पैदा होने, व्यवसायों के लिए बाजार तक बेहतर पहुंच बनने और अधिक आर्थिक अवसर मिलने की उम्मीद है। यह ओमान की रोजगार नीति का सम्मान करते हुए भारतीय कार्यबल के लिए श्रम गतिशीलता की अनुमति देगा।

3. कूटनीतिक बातचीत और अन्य प्रमुख समझौते

रॉयल पैलेस में पीएम मोदी का गर्मजोशी से औपचारिक स्वागत किया गया। नेताओं ने बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा के लिए आमने-सामने और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठकें कीं। चर्चा में रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल थे।

CEPA के अलावा, निम्नलिखित क्षेत्रों में भी समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए:

  • समुद्री विरासत (Maritime Heritage)
  • शिक्षा (Education)
  • कृषि और बाजरा की खेती (Agriculture and Millet Cultivation)

4. व्यापार और भारतीय समुदाय के साथ संवाद

अपनी यात्रा के दौरान, प्रधान मंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ एक 'बिजनेस फोरम' को संबोधित किया और ओमानी व्यवसायों को भारत में निवेश और नवाचार के लिए आमंत्रित किया।

इसके अलावा, उन्होंने मस्कट में भारतीय समुदाय की एक विशाल सभा को संबोधित किया।

  • उन्होंने विविधता को भारतीय संस्कृति का आधार बताया और ओमान में भारतीय समुदाय के योगदान की प्रशंसा की।
  • उन्होंने समुदाय के कल्याण के लिए निरंतर समर्थन के लिए ओमान के सुल्तान को धन्यवाद दिया।
  • पीएम मोदी ने पिछले 11 वर्षों में भारत में हुए नवाचार, स्टार्टअप और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बदलावों पर प्रकाश डाला।

भविष्य का दृष्टिकोण

पीएम मोदी ने अपनी यात्रा के समापन पर पुष्टि की कि AI सहयोग, डिजिटल लर्निंग, नवाचार साझेदारी और उद्यमिता के माध्यम से भारत-ओमान साझेदारी "भविष्य के लिए तैयार" (Future-ready) हो रही है। यह यात्रा निश्चित रूप से दोनों देशों के बीच के ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

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